जमशेदपुर · भारतीय शास्त्रीय संगीत

पंडित चंद्रकांत आप्टे

Pandit Chandrakant Apte
संगीत प्रतिष्ठान

हर शाम ‘सा’ से शुरू होती है।

स्पर्धा २०२६

गुरुजी के नाम पर संगीत प्रतियोगिता।

ऑडिशन28–29 नवंबर 2026
ग्रैंड फिनाले6 दिसंबर 2026
स्थानMichael John Auditorium, Jamshedpurअंग्रेज़ी में
किनके लिए खुली8 से 25 वर्ष, पूरे झारखंड से
कुल पुरस्कार राशि₹ 75,000
फाइनल के लिएहर वर्ग के शीर्ष 10
ई-मेल से पंजीकरण करें

जिस गुरु का शिष्य शास्त्रीय गायन और भजन, दोनों वर्गों में पुरस्कार पाएगा, उन गुरु को ₹ 5,000 का सम्मान पुरस्कार दिया जाएगा.

आयोजन समिति: Dr Ragini Bhushan · Prof. Pankaj Kumar Jha · Dr Sanatan Deep · Satyaprakash Tiwari · Birendra Upadhyay · Rajesh Thakur · Shankarnath Jha

जूनियर

8 से 12 वर्ष

सीनियर

13 से 18 वर्ष

सुपर सीनियर

19 से 25 वर्ष

गुरुजी

इस्पात नगरी के गुरुजी।

Pandit Chandrakant Apte singing at a concert, a swarmandal on his lap
पंडित चंद्रकांत आप्टे

गुरुजी का घर जमशेदपुर के सोनारी में स्वरगंगा नाम का था। इस नाम का अर्थ है सुरों की नदी, और यह नाम बिल्कुल सही था: वहीं से उन्होंने गायकों की कई पीढ़ियाँ तैयार कीं, जिनमें कुछ पार्श्वगायक हैं जिनकी आवाज़ आज इस्पात नगरी से बहुत दूर तक सुनी जाती है।

उनका घरस्वरगंगा, सोनारी
उनका जीवनसतहत्तर वर्ष
हर वर्षपंडित चंद्रकांत आप्टे संगीत समारोह

परिवार गुरुजी की पूरी कहानी लिख रहा है। वह यहाँ प्रकाशित होगी।

DHA X DHIN 2 DHIN 3 DHA 4 DHA 2 DHIN 6 DHIN 7 DHA 8 DHA 0 TIN 10 TIN 11 TA 12 TA 3 DHIN 14 DHIN 15 DHA 16 Dha सम
सोलह मात्राओं में जीवन

तीनताल: एक आवर्तन, चार साँसें।

समय-रेखा तीनताल के रूप में बनी है: भारतीय शास्त्रीय संगीत की सोलह मात्राओं का आवर्तन। सम वह जगह है जहाँ हर आवर्तन लौटता है। खाली, यानी खाली मात्रा, वह मौन है जो लय को साँस देता है।

किसी मात्रा को छूकर उसका पड़ाव पढ़ें।

सम · Dha इस मात्रा का पड़ाव जल्द जोड़ा जाएगा।
श्रवण कक्ष

रागों के अनुसार रिकॉर्डिंग।

परिवार गुरुजी की रिकॉर्डिंग जुटा रहा है। वे यहाँ राग और प्रहर के अनुसार दिखेंगी।

समय 04:00–09:00राग भैरव · प्रातःकाल का राग
समय 09:00–16:00राग मध्यमाद सारंग · दोपहर का राग
समय 16:00–22:00राग यमन · संध्या का राग
समय 22:00–04:00राग मालकौंस · मध्यरात्रि का राग
परंपरा

बढ़ती हुई परंपरा।

गुरुजी का हर शिष्य, और उन शिष्यों के हर शिष्य।

17 शिष्यों के नाम अब तक, और बढ़ते जा रहे हैं।
Shilpa Rao
Rajdeep Chatterjee
Shraddha Das
Ronkini Gupta
Anurag Harsh
Dr Pankaj Jha
Dr Sanatan Deep
Agni Mohanty
Priya Apte
Sanchali
Ruby Didi
Anurag Sharma
Devaghrah Roy
G Lalita
Shankar Jha
Anil Singh
Birender Upadhyay

नाम परिवार द्वारा दिए गए अनुसार। और नाम जोड़े जाएँगे, हर शिष्य की सहमति से।

क्या आपने गुरुजी से सीखा, या उनके किसी शिष्य से?

हमें अपना नाम बताएँ
स्मृति

एक दीया जलाएँ। एक याद छोड़ें।

दीया जलाने के लिए उसे छुएँ। शिष्यों और मित्रों की यादें जल्द जोड़ी जाएँगी।

आज हम गुरुजी के लिए एक दीया जलाते हैं। जलाने के लिए उसे छुएँ।

आज हम गुरुजी को याद करते हैं। उनके लिए एक दीया जलाएँ: एक दीये को छुएँ।

अग्नि मोहंती का गुरुजी के लिए बनाया जन्मदिवस कार्ड: बैंगनी शॉल में गुरुजी का चित्र, तानपुरा, तबला और दीया, और साथ में अग्नि के शब्द।

एक शिष्य के शब्द

जन्मदिवस पर सादर नमन, गुरुदेव

आज आपके जन्मदिवस पर आपकी बहुत याद आ रही है, गुरुदेव।

आप भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आपके दिए हुए संगीत के संस्कार, आपकी शिक्षा और आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेंगे।

आप सिर्फ मेरे संगीत गुरु ही नहीं, बल्कि मेरे जीवन के उन अनमोल व्यक्तित्वों में से एक हैं, जिन्होंने मुझे संगीत के साथ-साथ जीवन को समझना भी सिखाया।

आपकी सीख मेरे सुरों में, आपकी यादें मेरे दिल में और आपका आशीर्वाद मेरी हर साधना में हमेशा जीवित रहेगा।

जन्मदिवस पर आपको शत-शत नमन, गुरुदेव।

आप जहाँ भी हों, मेरा कोटि-कोटि प्रणाम स्वीकार करें।

Agni Mohanty, गुरुजी के शिष्य

ये अग्नि मोहंती के अपने शब्द हैं।

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संपर्क

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पता जमशेदपुर, झारखंड, भारत
फ़ोन और व्हाट्सऐप
ई-मेल ptchandrakantaptemfjsr@gmail.com