एक दीया जलाएँ। एक याद छोड़ें।
दीया जलाने के लिए उसे छुएँ। शिष्यों और मित्रों की यादें जल्द जोड़ी जाएँगी।
आज हम गुरुजी के लिए एक दीया जलाते हैं। जलाने के लिए उसे छुएँ।
आज हम गुरुजी को याद करते हैं। उनके लिए एक दीया जलाएँ: एक दीये को छुएँ।

एक शिष्य के शब्द
जन्मदिवस पर सादर नमन, गुरुदेव
आज आपके जन्मदिवस पर आपकी बहुत याद आ रही है, गुरुदेव।
आप भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आपके दिए हुए संगीत के संस्कार, आपकी शिक्षा और आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेंगे।
आप सिर्फ मेरे संगीत गुरु ही नहीं, बल्कि मेरे जीवन के उन अनमोल व्यक्तित्वों में से एक हैं, जिन्होंने मुझे संगीत के साथ-साथ जीवन को समझना भी सिखाया।
आपकी सीख मेरे सुरों में, आपकी यादें मेरे दिल में और आपका आशीर्वाद मेरी हर साधना में हमेशा जीवित रहेगा।
जन्मदिवस पर आपको शत-शत नमन, गुरुदेव।
आप जहाँ भी हों, मेरा कोटि-कोटि प्रणाम स्वीकार करें।
ये अग्नि मोहंती के अपने शब्द हैं।