गुरुजी

इस्पात नगरी के गुरुजी।

Pandit Chandrakant Apte singing at a concert, a swarmandal on his lap
पंडित चंद्रकांत आप्टे

गुरुजी का घर जमशेदपुर के सोनारी में स्वरगंगा नाम का था। इस नाम का अर्थ है सुरों की नदी, और यह नाम बिल्कुल सही था: वहीं से उन्होंने गायकों की कई पीढ़ियाँ तैयार कीं, जिनमें कुछ पार्श्वगायक हैं जिनकी आवाज़ आज इस्पात नगरी से बहुत दूर तक सुनी जाती है।

उनका घरस्वरगंगा, सोनारी
उनका जीवनसतहत्तर वर्ष
हर वर्षपंडित चंद्रकांत आप्टे संगीत समारोह

परिवार गुरुजी की पूरी कहानी लिख रहा है। वह यहाँ प्रकाशित होगी।

DHA X DHIN 2 DHIN 3 DHA 4 DHA 2 DHIN 6 DHIN 7 DHA 8 DHA 0 TIN 10 TIN 11 TA 12 TA 3 DHIN 14 DHIN 15 DHA 16 Dha सम
सोलह मात्राओं में जीवन

तीनताल: एक आवर्तन, चार साँसें।

समय-रेखा तीनताल के रूप में बनी है: भारतीय शास्त्रीय संगीत की सोलह मात्राओं का आवर्तन। सम वह जगह है जहाँ हर आवर्तन लौटता है। खाली, यानी खाली मात्रा, वह मौन है जो लय को साँस देता है।

किसी मात्रा को छूकर उसका पड़ाव पढ़ें।

सम · Dha इस मात्रा का पड़ाव जल्द जोड़ा जाएगा।